
“एक अच्छा विद्यालय दीवारों से नहीं, बल्कि दृष्टि, संस्कार और देखभाल से बनता है — बिल्कुल एक परिवार की तरह।”
श्री यतेन्द्र कुमार शर्मा
निदेशक एवं संरक्षक
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एसआरएस पब्लिक स्कूल से केवल निदेशक के रूप में नहीं, बल्कि संस्था और यहाँ आने वाले हर बच्चे के संरक्षक के रूप में जुड़ना मेरे लिए अत्यंत गर्व की बात है। शुरुआत से मेरा सपना ऐसा विद्यालय बनाने का था जो केवल ज्ञान न दे, बल्कि ऐसा वातावरण बनाए जहाँ बच्चे सुरक्षित, मार्गदर्शित और सच में अपनापन महसूस करें — बिल्कुल घर की तरह। मेरा हमेशा विश्वास रहा है कि विद्यालय को केवल एक संस्था की तरह नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह चलाना चाहिए — जहाँ हर बच्चे का महत्व हो और हर उपलब्धि का उत्सव मनाया जाए। एसआरएस में मैं विद्यालय के रोज़मर्रा के विकास से करीब से जुड़ा रहता हूँ, ताकि हमारे विद्यार्थियों को अनुशासन, शिक्षा, संस्कार और भावनात्मक सहयोग का सही संतुलन मिले। एक संरक्षक के रूप में यह मेरी व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी है कि हर बच्चा सुरक्षित, सहयोगी और नैतिक रूप से मज़बूत वातावरण में आगे बढ़े। मैं इस अवसर पर हमारे समर्पित प्रधानाचार्य, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और अभिभावकों का उनके निरंतर विश्वास और सहयोग के लिए धन्यवाद करता हूँ। साथ मिलकर हम ऐसी पीढ़ी तैयार कर रहे हैं जो सम्मान, ज्ञान और ज़िम्मेदारी के मूल्यों को आगे बढ़ाएगी।
(मूल संदेश अंग्रेज़ी में; यह हिंदी अनुवाद है)




